About us
Charity activities are taken place around the world.
More about the जामदग्न्य सेवा न्यास
About जामदग्न्य सेवा न्यास
Community Engagement and Impact
जामदग्न्य सेवा न्यास एक स्वयंसेवी संस्था है, जिसकी स्थापना (स्टेलर) एडवोकेट नवीन कुमार द्वारा अप्रैल 2022 में की गई थी। इस न्यास के मुख्य न्यासी (ट्रस्टी) सीए उमेश पांडे और डॉ. कुंदन कुमार हैं। इस संस्था का नाम महर्षि जमदग्नि जी के नाम पर रखा गया है, जो भगवान परशुराम के पिता भी थे। यह संस्था कई अन्य NGOs और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर सामाजिक कार्यों में अपना योगदान दे रही है। उदाहरण के लिए, यह आद्रिका NGO के साथ मिलकर झुग्गियों में रहने वाले और अनाथ बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही है। साथ ही, यह संस्था विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सामाजिक मिलन समारोह जैसे होली मिलन, चूड़ा-दही कार्यक्रम आदि में सहयोग करती है।
संस्था द्वारा हर वर्ष देश की राजधानी दिल्ली में होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें आपसी मिलन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक गाँव की होली, और होली के पारंपरिक भोजन की व्यवस्था भी की जाती है। यह ट्रस्ट धर्मार्थ और गैर-भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण के साथ कार्य करता है, यह सुनिश्चित करता है कि इसकी सेवाओं का लाभ जाति, पंथ या लिंग के भेदभाव के बिना सभी लोगों को मिले, और यह भारत सरकार के नियमों का पालन करता है।
ट्रस्ट के उद्देश्यों एवं लक्ष्य:
शिक्षा और साक्षरता
• स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना।
• वंचित समुदायों को शिक्षा प्रदान करना, जिसमें छात्रवृत्तियां और वित्तीय सहायता शामिल हैं।
• साक्षरता उन्मूलन के लिए ‘साक्षरशाला’ जैसे विशेष शिक्षा कार्यक्रम चलाना।
स्वास्थ्य देखभाल एवं चिकित्सा सहायता
• अस्पताल, क्लीनिक, चिकित्सा सुविधाएं और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर प्रदान करना।
• जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता, बीमारियों के प्रति जागरूकता और व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी देना।
• रक्तदान, अंगदान और नेत्रदान शिविरों का आयोजन करना।
ग्रामीण और सामुदायिक विकास
• युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाकर गरीबी और पलायन को रोकना।
• कृषि, पशुपालन और डेयरी विकास को बढ़ावा देकर ग्रामीण उत्थान करना।
• स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और वृक्षारोपण पर जागरूकता कार्यक्रम चलाना।
• सामुदायिक बुनियादी ढांचे का विकास करना, जैसे पार्क, कुएं, छात्रावास और रैन बसेरे।
सामाजिक कल्याण एवं सशक्तिकरण
• अनाथों, विधवाओं, दिव्यांगों और वृद्धजनों की सहायता करना।
• दहेज प्रथा, बाल विवाह और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए कार्य करना।
• व्यावसायिक प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए अवसर प्रदान करना।
• सामुदायिक विकास के लिए एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों को समर्थन देना।
सांस्कृतिक एवं अनुसंधान पहल
• शोध पत्र, पत्रिकाएं और समाचार पत्र प्रकाशित करना।
• ग्रामीण और आर्थिक विकास पर सम्मेलन, प्रदर्शनियां और कार्यशालाएं आयोजित करना।
• सांस्कृतिक, शैक्षिक और पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
वित्तीय एवं कानूनी पहलू
• ट्रस्ट के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनुदान, दान और प्रायोजन स्वीकार करना।
• कानूनी और कर नियमों के अनुसार धन और संपत्तियों का प्रबंधन, निवेश और उपयोग करना।
• सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग कर परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करना।
मीडिया एवं तकनीकी विकास
• इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टीवी और आईटी का उपयोग करके जन-जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना।
• ग्रामीण और सामाजिक विकास क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन को प्रोत्साहित करना।
ट्रस्ट के उद्देश्यों एवं लक्ष्य:
शिक्षा और साक्षरता
• स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना।
• वंचित समुदायों को शिक्षा प्रदान करना, जिसमें छात्रवृत्तियां और वित्तीय सहायता शामिल हैं।
• साक्षरता उन्मूलन के लिए ‘साक्षरशाला’ जैसे विशेष शिक्षा कार्यक्रम चलाना।
स्वास्थ्य देखभाल एवं चिकित्सा सहायता
• अस्पताल, क्लीनिक, चिकित्सा सुविधाएं और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर प्रदान करना।
• जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता, बीमारियों के प्रति जागरूकता और व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी देना।
• रक्तदान, अंगदान और नेत्रदान शिविरों का आयोजन करना।
ग्रामीण और सामुदायिक विकास
• युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाकर गरीबी और पलायन को रोकना।
• कृषि, पशुपालन और डेयरी विकास को बढ़ावा देकर ग्रामीण उत्थान करना।
• स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और वृक्षारोपण पर जागरूकता कार्यक्रम चलाना।
• सामुदायिक बुनियादी ढांचे का विकास करना, जैसे पार्क, कुएं, छात्रावास और रैन बसेरे।
सामाजिक कल्याण एवं सशक्तिकरण
• अनाथों, विधवाओं, दिव्यांगों और वृद्धजनों की सहायता करना।
• दहेज प्रथा, बाल विवाह और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए कार्य करना।
• व्यावसायिक प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए अवसर प्रदान करना।
• सामुदायिक विकास के लिए एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों को समर्थन देना।
सांस्कृतिक एवं अनुसंधान पहल
• शोध पत्र, पत्रिकाएं और समाचार पत्र प्रकाशित करना।
• ग्रामीण और आर्थिक विकास पर सम्मेलन, प्रदर्शनियां और कार्यशालाएं आयोजित करना।
• सांस्कृतिक, शैक्षिक और पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
वित्तीय एवं कानूनी पहलू
• ट्रस्ट के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनुदान, दान और प्रायोजन स्वीकार करना।
• कानूनी और कर नियमों के अनुसार धन और संपत्तियों का प्रबंधन, निवेश और उपयोग करना।
• सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग कर परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करना।
मीडिया एवं तकनीकी विकास
• इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टीवी और आईटी का उपयोग करके जन-जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना।
• ग्रामीण और सामाजिक विकास क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन को प्रोत्साहित करना।
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Saticfied Clients
10
Modern Equipment
10
Expert Members
10
Tons of Harvest
10
Our feedbacks
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“जामदग्न्य सेवा न्यास ने हमारे गाँव में जो शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया, उससे लोगों का जीवन सच में बदल गया। एडवोकेट नवीन कुमार जी की दूरदर्शिता और निस्वार्थ सेवा भावना प्रेरणादायक है।”

आरती देवी
प्राथमिक विद्यालय शिक्षिका
“कोविड महामारी के समय जामदग्न्य सेवा न्यास ने जिस तरह ज़रूरतमंद परिवारों को राशन और दवाइयाँ पहुँचाई, वो कोई नहीं भूल सकता। यह केवल एक संस्था नहीं, बल्कि उम्मीद की एक किरण है।”

राकेश झा
ग्रामीण निवासी
“एडवोकेट नवीन कुमार ने न्याय और सामाजिक सेवा को जोड़ा है। जामदग्न्य सेवा न्यास की कानूनी सहायता सेवा ने हमारे जैसे असहाय लोगों को न्याय दिलाने में मदद की।”

सविता देवी
महिला मंडल अध्यक्ष
“बच्चों के लिए लगाई गई पुस्तकालय योजना से शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है। यह संस्था न केवल ज़रूरतें समझती है, बल्कि उनके समाधान पर काम भी करती है।”

अभिषेक मिश्रा
सामाजिक कार्यकर्ता



